Friday, August 30, 2013

कुछ भी नहीं !

नोटों की दुनिया में 
इन्सान कुछ भी नही 
जीना है ,जीने का सामान 
कुछ भी नही !

हर सुबह अखबार
बिखराता आँगन में
ढेरों समस्याएं 
समाधान कुछ भी नही !

सुर्खियों में रहते हैं 
अतिचार ,अनाचार 
शेष है जो आदमी का 
ईमान कुछ भी नही ?

गाँव खेत छोड जबसे 
आगए हैं शहर में 
बेनाम रहते हैं 
पहचान कुछ भी नही ।

रिश्ते बचाना या 
रस्ते बनाना हो
दौड-भाग, भगदड में 
आसान कुछ भी नही ।

सूख गया एक पेड 
चिडियों में शोर है 
तह में हुआ क्या है 
सन्धान कुछ भी नही !

कल से नही लौटी 
माँ-बाप चिन्तित हैं 
बेटी किस हाल में हो 
अनुमान कुछ भी नही ।

आन--मान उम्र भी 
दरिन्दे कब देखते   
औरत है बस ,
आत्म-सम्मान कुछ भी नही !


Monday, August 19, 2013

सुनले मेरे वीर

तुझ पर सारे सुख न्यौछावर
सुनले मेरे वीर ।
खेतों की हरियाली तू है ,
तू नदिया का नीर ।

तेरे बिन बादल रीते हैं
गीत बिना मधुराई
आँगन में रौनक तुझसे है
जीवित है अमराई
टूटे--बिखरे रिश्तों को 
बाँधे तेरी जंजीर ,
तुझ पर सारे सुख न्यौछावर....।।

माँ उदास है 
नत निराश है 
तेरी राह तके 
रिश्तों की मंजिल तय करते 
उसके पाँव थके ।
भैया आकर गले लगाले 
हरले उसकी पीर, 
तुझ पर सारे सुख न्यौछावर... ।।

हम दोनों है मेरे भाई 
एक टहनी के फूल 
हमसे ही आबाद रहें 
अन्तर सरिता के कूल 
तुझसे ही तो रंग भरी है 
जीवन की तस्वीर ,
तुझ पर सारे सुख न्यौछावर 
सुनले मेरे वीर ,
खेतों की हरियाली तू है 
तू नदिया का नीर ।।

Wednesday, August 14, 2013

मेरे देश

मेरे देश अटल अविचल प्रिय
तू मेरा विश्वास ।
तुझसे ही है जीवन मेरा 
जाग्रत हैं अहसास ।

रची-बसी हैं मेरी साँसें

तेरे ही कण-कण में ।
तेरी राह चलूँ
अविजित रह 
बाधाओं से रण में 

तम मन धन तुझको अर्पित हैं 

तू मेरा अभिमान ।
तेरे हित जीने मरने में 
है मेरा सम्मान । 

स्वतन्त्रता दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएं ।