Yeh Mera Jahaan

मंगलवार, 24 अगस्त 2010

राखी के बदले

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राखी के बदले --------------- नभ के हिंडोले पर, झूल रहीं घटाएं । गा रहीं हैं मल्हारें , रिमझिम फुहारें । इस बार राखी पर , बाँधूँगी भैया ,तुम...
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शनिवार, 31 जुलाई 2010

बारिश की दो कविताएं

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1.8.2010 -------------- आज ,बडी प्रतीक्षा के बाद आसमान में बादल हैं ,ऐसे बादल जिनसे बारिस की उम्मीद की जा सकती है ।कुछ दिन पहले ,जब यहां ...
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शनिवार, 24 जुलाई 2010

मैं---कुछ व्यंजनाएं

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(१) शाम के धुँधलके में , महानगर की व्यस्त सडक के किनारे, वाहनों की तेज रफ्तार के बीच, धुँए के गुबार से घबराया हुआ, रोशनी के प्रहार से चकराया...
मंगलवार, 13 जुलाई 2010

मेरे पडौसी की लडकी

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मेरे पड़ौस में  एक लड़की , बड़ी हो रही है । बड़ी हो रही है वह, वसन्त में अँखुआती टहनी की तरह । गुलमोहर और कचनार, खिलतीं हैं उसकी आँखों...
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रविवार, 4 जुलाई 2010

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चाँदनी वाला मोहल्ला-----24 जून ग्वालियर ---------------------------------------------------------- हम जिस मोहल्ले में रहते हैं ,वह ग्वालियर ...
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स्कूल ऑफ सिम्पैथी

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कर्नाटक एक्स. में द्वितीय श्रेणी का वातानुकूलित,शानदार और सर्वसुविधा युक्त डिब्बा ।कोई भीड़-भाड़ या शोर -शराबा नही ।ठाठ से बैठो,लेटो ,गाने ...
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बुधवार, 16 जून 2010

संवेदना की भाषा और निरक्षरता की पीडा

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संवेदना की भाषा और निरक्षरता की पीडा --------- बैंगलोर 16 जून । -------------------------------------- वाणी अम्मा अब काम प...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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