Yeh Mera Jahaan

शनिवार, 26 सितंबर 2026

गणपति बप्पा अगले बरस आना ज़रूर पर ...

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दस-बारह दिनों की धूम धाम के बाद अगले वर्ष फिर इसी तरह आने की गुहार लगाते हुए शिव पार्वती के लाड़ले गणेश जी की , विदाई हो गई है । मैं भी दिल ...
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शुक्रवार, 18 सितंबर 2026

एक गज़ल

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  जालों से उलझनों के ,जैसे हो उबर जाएं चौराहे से निकलकर , कोई तो डगर पाएं ।   थामे रहें न छोड़ें कभी हौसलों का दामन । चाहे भले ही कि...
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रविवार, 13 सितंबर 2026

अपनी खड़ी बोली

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  मिसरी की गोली अपनी  खडी बोली । माँ ने दूध में है घोली अपनी खडी बोली ।   सरस है , सक्षम है सरल और शुद्ध है अनुभूतियों का सागर अभिव्यक्ति मे...
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सोमवार, 11 मई 2026

गीत

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  अर्थहीन हैं गीत लिखे ये किसको तूने री? भावों के तो साथ जुड़े हैं , दुख भी दूने री ।   किसको फुरसत कौन सुनेगा ! सुन भी ले पर कौ...
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शनिवार, 21 मार्च 2026

एक नाम एक दरिया

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  संस्मरण पुनःप्रसारित ------------------------ आज गनगौर(गणगौर) पूजा है। अब केवल अपने परिवेश की बात करूँ तो दूसरे त्यौहारों की तरह गणगौर--पू...
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शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

प्रेम एक अलग दृष्टि से

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 (1) प्रेम है  ‘एनस्थीसिया’  निष्क्रिय कर देता मस्तिष्क को । ज़िन्दगी कितनी ही बेरहमी से चीरती कुरेदती रहे देती रहे ज़ख्म । महसूस नहीं होता ...
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शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

माँ ऐसे स्वर दे

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  अँधियारे का त्रास बहुत है । उजियारे की आस बहुत है । ज्योतिर्मयी शारदे माँ , बस रिक्त हृदय भरदे मन जगमग जग करदे ।   दुर्गम पथ स...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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