Yeh Mera Jahaan

शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

माँ ऐसे स्वर दे

›
  अँधियारे का त्रास बहुत है । उजियारे की आस बहुत है । ज्योतिर्मयी शारदे माँ , बस रिक्त हृदय भरदे मन जगमग जग करदे ।   दुर्गम पथ स...
9 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

माँ

›
  पौष-माघ की ठिठुरन में है गरम रजाई माँ तपती जेठ दुपहरी में ठंडी अमराई माँ ।   तिमिर हटाती सरस प्रभाती पूरब की लाली बूँद-बूँद ...
7 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 1 जनवरी 2026

बिरबा सींचें आशा के

›
  नया वर्ष ले हर्ष आगया  बिरबा रोपें आशा के । जो व्यतीत अब है अतीत  छोड़ें भी ठांव  निराशा के  सुबह सुबह सूरज की पाती  हरकारा दे जाता है  को...
11 टिप्‍पणियां:
सोमवार, 15 दिसंबर 2025

मन पाए विश्राम जहाँ

›
  जीवन में हमारे साथ कुछ लोग ऐसे अवश्य होते हैं जिनसे मिलकर मन विश्राम पाता है । आज अनीता निहलानी जी जिनके ब्लॉग से ही यह शीर्षक लिया है , ग...
7 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 14 नवंबर 2025

अन्धा विश्वास

›
आँखों पर पट्टी बाँध लेना यानी सच को अनदेखा करना । यह नहीं है केवल बाह्य दृश्यों  नज़र बचाना, बल्कि अक्षम होजाना है ज्ञान-चक्षुओं क...
12 टिप्‍पणियां:
गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

ताना-बाना --मेरी दृष्टि में

›
रचनाकार --ऊषा किरण  मन की उधेड़बुन का खूबसूरत ‘ताना-बाना’ -जब कोई आँचल मैं चाँद सितारे भरकर अँधेरे को नकारने लगे , तूफानों को ललकारे , मुट्ठ...
6 टिप्‍पणियां:
शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

बाली यात्रा---4

›
बाली यात्रा--3   से आगे   'गरुड़, विष्णु कुन्चाना पार्क और सेम्यीनाक बीच' --------------------------------------------------- ...
6 टिप्‍पणियां:
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.