Yeh Mera Jahaan

सोमवार, 11 मई 2026

गीत

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  अर्थहीन हैं गीत लिखे ये किसको तूने री? भावों के तो साथ जुड़े हैं , दुख भी दूने री ।   किसको फुरसत कौन सुनेगा ! सुन भी ले पर कौ...
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शनिवार, 21 मार्च 2026

एक नाम एक दरिया

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  संस्मरण पुनःप्रसारित ------------------------ आज गनगौर(गणगौर) पूजा है। अब केवल अपने परिवेश की बात करूँ तो दूसरे त्यौहारों की तरह गणगौर--पू...
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शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

प्रेम एक अलग दृष्टि से

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 (1) प्रेम है  ‘एनस्थीसिया’  निष्क्रिय कर देता मस्तिष्क को । ज़िन्दगी कितनी ही बेरहमी से चीरती कुरेदती रहे देती रहे ज़ख्म । महसूस नहीं होता ...
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शुक्रवार, 23 जनवरी 2026

माँ ऐसे स्वर दे

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  अँधियारे का त्रास बहुत है । उजियारे की आस बहुत है । ज्योतिर्मयी शारदे माँ , बस रिक्त हृदय भरदे मन जगमग जग करदे ।   दुर्गम पथ स...
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शुक्रवार, 16 जनवरी 2026

माँ

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  पौष-माघ की ठिठुरन में है गरम रजाई माँ तपती जेठ दुपहरी में ठंडी अमराई माँ ।   तिमिर हटाती सरस प्रभाती पूरब की लाली बूँद-बूँद ...
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गुरुवार, 1 जनवरी 2026

बिरबा सींचें आशा के

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  नया वर्ष ले हर्ष आगया  बिरबा रोपें आशा के । जो व्यतीत अब है अतीत  छोड़ें भी ठांव  निराशा के  सुबह सुबह सूरज की पाती  हरकारा दे जाता है  को...
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सोमवार, 15 दिसंबर 2025

मन पाए विश्राम जहाँ

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  जीवन में हमारे साथ कुछ लोग ऐसे अवश्य होते हैं जिनसे मिलकर मन विश्राम पाता है । आज अनीता निहलानी जी जिनके ब्लॉग से ही यह शीर्षक लिया है , ग...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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