Yeh Mera Jahaan

सोमवार, 13 सितंबर 2010

मातृभाषा

›
( हिन्दी ) माँ ------------------- मातृभाषा माँ है । माँ ही समझ सकती है औरों को भी समझा सकती है ह्रदय की हर बात आसानी ...
8 टिप्‍पणियां:

›
सोनू के लिये 15 अक्टूबर 1974----12 अगस्त २०१०--- सोनू ,मेरी जेठानी जी का मँझला बेटा ,जो एक माह पहले सबको छोड कर, अन्तहीन पीडा देकर हमेशा के ...
3 टिप्‍पणियां:
रविवार, 5 सितंबर 2010

›
प्राथमिक शाला की शिक्षिका का एक गीत ------------------------------------------------------------ अपने तेतीस वर्ष के सेवाकाल में प्रारम्भ ...
1 टिप्पणी:
मंगलवार, 24 अगस्त 2010

राखी के बदले

›
राखी के बदले --------------- नभ के हिंडोले पर, झूल रहीं घटाएं । गा रहीं हैं मल्हारें , रिमझिम फुहारें । इस बार राखी पर , बाँधूँगी भैया ,तुम...
1 टिप्पणी:
शनिवार, 31 जुलाई 2010

बारिश की दो कविताएं

›
1.8.2010 -------------- आज ,बडी प्रतीक्षा के बाद आसमान में बादल हैं ,ऐसे बादल जिनसे बारिस की उम्मीद की जा सकती है ।कुछ दिन पहले ,जब यहां ...
3 टिप्‍पणियां:
शनिवार, 24 जुलाई 2010

मैं---कुछ व्यंजनाएं

›
(१) शाम के धुँधलके में , महानगर की व्यस्त सडक के किनारे, वाहनों की तेज रफ्तार के बीच, धुँए के गुबार से घबराया हुआ, रोशनी के प्रहार से चकराया...
मंगलवार, 13 जुलाई 2010

मेरे पडौसी की लडकी

›
मेरे पड़ौस में  एक लड़की , बड़ी हो रही है । बड़ी हो रही है वह, वसन्त में अँखुआती टहनी की तरह । गुलमोहर और कचनार, खिलतीं हैं उसकी आँखों...
8 टिप्‍पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें

मेरे बारे में

मेरी फ़ोटो
गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
मेरा पूरा प्रोफ़ाइल देखें
Blogger द्वारा संचालित.