Yeh Mera Jahaan
मंगलवार, 25 अक्टूबर 2011
चकमक और मैं
›
आप सबको दीपावली की हार्दिक शुभ-कामनाएं । ------------------------------------------------------------------------- 22 अक्टूबर को चकमक ...
13 टिप्पणियां:
बुधवार, 28 सितंबर 2011
हम संझा साँझी खेलते
›
क्वार माह यानी शरद ऋतु का प्रारम्भ । यानी एक रमणीय और सुहानी ऋतु का आगमन । इस ऋतु के सुहानेपन को कवि-शरोमणि तुलसीदास जी ने अनेक अनूठी उक्ति...
14 टिप्पणियां:
बुधवार, 14 सितंबर 2011
शहर में बरसात
›
उसके स्वागत में कहीं मोर नाचा नहीं पपीहे ने गाया नहीं उसके आने का सन्देश हवा ने भी दिया नही उमंगित होकर लहर-लहर कर बस आसमान का. छोटा सा टुकड...
13 टिप्पणियां:
गुरुवार, 8 सितंबर 2011
जन्म दिन पर मन्नू के लिये
›
सुबह-सुबह की पहली धूप मुबारक़ हो । पार किये उनतीस अनूप मुबारक़ हो । बाँहों में कोमल विहान सा ही उजला अपना यह प्यारा प्रतिरूप मुबारक़ हो । ...
11 टिप्पणियां:
रविवार, 21 अगस्त 2011
मान्या और विहान
›
नन्हे राजा नयना बाँके-बाँके कोटर में से कोयल के शिशु झाँके नदी नहायी धूप चाँदनी फाँके कितने सारे फूल भोर ने , हर टहनी पर टाँके...
8 टिप्पणियां:
रविवार, 31 जुलाई 2011
वे दो शब्द
›
वे दो शब्द-- मरहम से, दे दो उसे जो गिरा है अभी-अभी लगा लेगा अपने ताजा जख्मों पर । वे दो शब्द-- उत्तीर्ण होने की सूचना जैसे, पेपर बिगडने के ब...
16 टिप्पणियां:
मंगलवार, 26 जुलाई 2011
चलते--चलते
›
सीट-1 ----------- गाडी जैसे ही स्टेशन पर रुकी । अनारक्षित डिब्बों में लोगों ने अपनी-अपनी सीट सम्हाली ।किसी ने पाँव पसार लिये किसी ने बैग रख ...
10 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें