Yeh Mera Jahaan
रविवार, 28 अक्टूबर 2012
सबरस
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( यह पोस्ट पढने से पहले--- 25 अक्टूबर को सलिल जी ( चला बिहारी ब्लागर बनने ) ने अपने ब्लाग पर ध्रुवगाथा को लेकर एक विस्तृत समीक्षा लिखी ...
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मंगलवार, 9 अक्टूबर 2012
एक कविता अपनों के लिये
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---------------------- बुझने को है अब हर शिकायत तेल खत्म होते दीपक जैसी शिकायत कि , अब क्यों नही मिलते हो तुम उस तरह, जिस तरह तय ...
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गुरुवार, 4 अक्टूबर 2012
लोकार्पण---एक रपट
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----------------------------------- 1 अक्टूबर 2012 को 'ध्रुवगाथा' और 'अपनी खिडकी से' का लोकार्पण होना था सो होगया । इसकी ...
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सोमवार, 24 सितंबर 2012
'अपनी खिडकी से'--एक समीक्षक की नजर से
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बड़ों के लिए किस्से बचपन के - लोकेन्द्र सिंह गिरिजा कुलश्रेष्ठ का पहला कहानी संकलन है 'अपनी खिड़की से'। भले ही यह उनका पहल...
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गुरुवार, 20 सितंबर 2012
पच्चीस साल बाद
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'पच्चीस साल बाद' ---फिल्मी नाम लग रहा है न ? लेकिन यह सच है कि पुस्तक 'ध्रुव-गाथा' जो कल ही प्रकाशित होकर आई है ,पच्चीस सा...
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रविवार, 16 सितंबर 2012
वे 'लक्षणा' को नही जानते ।
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"ए ! ओ !! अरे भाई सुनो !!!" साक्षरता अभियान के दल-प्रमुख ने एक गाँव वाले को पुकारा जो एक तरफ भागता हुआ सा जारहा था । यह कुछ सा...
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रविवार, 9 सितंबर 2012
दर्द को सोने न देना ।
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---------------------------------------------- यह 19 वर्ष पहले की बात है । सातवीं कक्षा एक का मासूम छात्र एक दिन स्कूल में अपने शिक्षक द्...
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