Yeh Mera Jahaan
मंगलवार, 24 सितंबर 2013
सुने बिना ही ....
›
जब पूरी तरह मुझे सुने बिना ही तुम निकल जाते हो जैसे कोई जल्दबाज हॅाकर अखबार फेंककर किसी दूसरी गली में होजाता है ओझल , तब छोड जात...
8 टिप्पणियां:
रविवार, 22 सितंबर 2013
'और भी हैं दुनिया में' बडे मियां'
›
श्रीमती ग ने आखिर लीलावती के आगे हाथ जोड लिये । कहा--"मुझे बख्श दे मेरी माँ ! मैं तुझसे हार गई हूँ ।" और तभी मुझे एक कहानी याद ...
6 टिप्पणियां:
सोमवार, 16 सितंबर 2013
मातृभाषा --शिक्षा का सही माध्यम
›
14 सितम्बर ( हिन्दी-दिवस) -------------------------------------- भाषा और शिक्षा भाषा अभिव्यक्ति का सबसे उपयुक्त और सशक्त माध्यम है । क...
7 टिप्पणियां:
शुक्रवार, 30 अगस्त 2013
कुछ भी नहीं !
›
नोटों की दुनिया में इन्सान कुछ भी नही जीना है ,जीने का सामान कुछ भी नही ! हर सुबह अखबार बिखराता आँगन में ढेरों समस्याएं समाधान ...
19 टिप्पणियां:
सोमवार, 19 अगस्त 2013
सुनले मेरे वीर
›
तुझ पर सारे सुख न्यौछावर सुनले मेरे वीर । खेतों की हरियाली तू है , तू नदिया का नीर । तेरे बिन बादल रीते हैं गीत बिना मधुराई आँगन में...
17 टिप्पणियां:
बुधवार, 14 अगस्त 2013
मेरे देश
›
मेरे देश अटल अविचल प्रिय तू मेरा विश्वास । तुझसे ही है जीवन मेरा जाग्रत हैं अहसास । रची-बसी हैं मेरी साँसें तेरे ही कण-कण में । तेर...
11 टिप्पणियां:
गुरुवार, 25 जुलाई 2013
दक्षता-संवर्धन
›
"मिसेज गोयल ! जरा इधर तो आइये ।"--परीक्षा-संयोजक नरेन्द्र ने नौवीं कक्षा की कक्षाध्यापिका रमा गोयल को पुकारा तो वह हडबडाई हुई आई ...
14 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें