Yeh Mera Jahaan
गुरुवार, 16 अप्रैल 2020
कहो ना
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“ करोना से डरो ना “-- मित्रवर ! ऐसा हरगिज कहो ना . यह नहीं है कोई काव्य-सृजन कि तुकबन्दी का करना ही है निर्वहन . यह तो ...
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शुक्रवार, 13 मार्च 2020
उन्हें सोचो देखो
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क्या कभी सोचा है तुमने कि गन्दी नाली साफ करते हुए वह कीचड़ में लिथड़ा आदमी क्या सोचता होगा , जब कोई गुजर जाता होगा एकदम साफ दम...
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शनिवार, 31 अगस्त 2019
पहली रचना और उसकी पृष्ठभूमि
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यह कविता 15 अप्रैल सन् 1975 में लिखी गयी थी . बात है जब मैं ग्यारहवी कक्षा में थी .तब 10+2 योजना लागू नहीं थी इसलिए ग्यारहवी की परीक्षा ब...
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सोमवार, 22 जुलाई 2019
हिमालय के कोट में टँका हुआ फूल ---अन्तिम भाग
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. पिछली पोस्ट-- भाग दो 19 मई की सुबह हमने 'रामदा' से विदा ली और पुनाखा की ओर चल पड़े .रास्ते में फिर से वही खूबसूरत वादियों ...
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शुक्रवार, 12 जुलाई 2019
हिमालय के कोट में टँका हुआ फूल--भाग 2
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भाग 1 से आगेl थिम्पू ------------ 17 मई 2019 लगभग 2335 मी. की ऊँचाई पर बसा शहर 'थिम्पू' भूटान की राजधानी है और शायद भूटान ...
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