Yeh Mera Jahaan

बुधवार, 14 सितंबर 2022

हर दिन हिन्दी का है .

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  एक दिवस ही क्यों अपना हर दिन हिन्दी का है . प्राणवायु सा साँसों में, जीवन हिन्दी का है .     जैसे भावों को माँ समझे और सबको समझाए  ....
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मंगलवार, 13 सितंबर 2022

मातृभाषा माँ --हिन्दी दिवस पर एक कविता

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  मातृभाषा माँ है माँ , जो समझती है समझा सकती है औरों को भी ह्रदय की हर बात आसानी से . माँ , जो  छोटा नही होने देती अपने वश भर अपनी सन्तान क...
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शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

गणपति बप्पा अगले बरस आकर , इन्हें समझाना ज़रूर.

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मयंक के हाथों साकार हुई आस्था     लगभग दस-ग्यारह दिन की धूमधाम के बाद आज शिव पार्वती के लाड़ले गणपति के उत्सव का समापन हो गया है ..गलियाँ सू...
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सोमवार, 5 सितंबर 2022

सिडनी डायरी --6 'सीनिक वर्ल्ड' और जिनोलन गुफाएं

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20 अगस्त   --- गतांक से आगे सुबह जल्दी   नींद खुल गई . बाहर घास और कारों पर जमे हिमकणों से पता चला कि रात कितनी ठंडी थी .  लेकिन  पेड़ों की ...
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रविवार, 4 सितंबर 2022

उन दिनों ऐसे भी शिक्षक थे .

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  माँ का सुनाया एक अविस्मरणीय संस्मरण -------------------------------------------------------------- "उन दिनों स्कूल लगभग आठ घंटे लगता ...
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रविवार, 28 अगस्त 2022

सिडनी डायरी--5

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ब्ल्यू माउंटेन में एक बार फिर  --------------------------------- पिछली बार जब हम ‘ ब्ल्यू माउंटेन   गए थे ,  तब केवल थ्री सिस्टर्स और चलते च...
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रविवार, 7 अगस्त 2022

और कितनी आजादी ?

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  अभी एक बाल पत्रिका के सम्पादकीय में एक प्रसंग है कि किसी स्कूल में आजादी के अमृतमहोत्सव में अध्यक्ष बच्चों को बताते हैं कि हमारे देश को ...
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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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