Yeh Mera Jahaan

शनिवार, 29 अक्टूबर 2022

सपने

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सपने नींद में आते हैं . और जगाकर सोई हुई स्मृतियों को चले जाते हैं निर्ममता के साथ   जैसे लौट जाते है बादल उमड़ घुमड़कर बिना बरसे ही...
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बुधवार, 26 अक्टूबर 2022

कथा भाई-दौज की -भाई बहिन के अटूट प्रेम की गाथा

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  पुनः प्रकाशित ----------------------------------------------- बचपन में भाई दौज की सुबह से ही हमें याद करा दिया जाता था कि दौज की कहानी सुन...
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बुधवार, 28 सितंबर 2022

सिडनी डायरी --7 ‘हायम्स बीच’ और हम

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नीले आसमान का दर्पण बना , गहन गंभीर निस्सीम नीलाभ सागर , अपने अथाह जलागार को सहेजने में व्यस्त ...उसकी व्यस्तता को तोड़ने उद्दाम उत्तुंग चंच...
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बुधवार, 14 सितंबर 2022

हर दिन हिन्दी का है .

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  एक दिवस ही क्यों अपना हर दिन हिन्दी का है . प्राणवायु सा साँसों में, जीवन हिन्दी का है .     जैसे भावों को माँ समझे और सबको समझाए  ....
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मंगलवार, 13 सितंबर 2022

मातृभाषा माँ --हिन्दी दिवस पर एक कविता

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  मातृभाषा माँ है माँ , जो समझती है समझा सकती है औरों को भी ह्रदय की हर बात आसानी से . माँ , जो  छोटा नही होने देती अपने वश भर अपनी सन्तान क...
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शुक्रवार, 9 सितंबर 2022

गणपति बप्पा अगले बरस आकर , इन्हें समझाना ज़रूर.

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मयंक के हाथों साकार हुई आस्था     लगभग दस-ग्यारह दिन की धूमधाम के बाद आज शिव पार्वती के लाड़ले गणपति के उत्सव का समापन हो गया है ..गलियाँ सू...
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सोमवार, 5 सितंबर 2022

सिडनी डायरी --6 'सीनिक वर्ल्ड' और जिनोलन गुफाएं

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20 अगस्त   --- गतांक से आगे सुबह जल्दी   नींद खुल गई . बाहर घास और कारों पर जमे हिमकणों से पता चला कि रात कितनी ठंडी थी .  लेकिन  पेड़ों की ...
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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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