Yeh Mera Jahaan

गुरुवार, 2 अक्टूबर 2025

ताना-बाना --मेरी दृष्टि में

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रचनाकार --ऊषा किरण  मन की उधेड़बुन का खूबसूरत ‘ताना-बाना’ -जब कोई आँचल मैं चाँद सितारे भरकर अँधेरे को नकारने लगे , तूफानों को ललकारे , मुट्ठ...
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शुक्रवार, 26 सितंबर 2025

बाली यात्रा---4

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बाली यात्रा--3   से आगे   'गरुड़, विष्णु कुन्चाना पार्क और सेम्यीनाक बीच' --------------------------------------------------- ...
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सोमवार, 22 सितंबर 2025

बाली यात्रा--3

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बाली यात्रा -2 से आगे   ‘ आइलैण्ड ऑफ गॉड ‘ ----------------------------- आइलैंड ऑफ गॉड यानी ईश्वर का द्वीप, देवभूमि । बाली को दी गई यह ...
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मंगलवार, 9 सितंबर 2025

बाली यात्रा --2

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  बाली --1  से आगे कल कल निनाद के बीच ‘ रिवर सोंग ’ बाली एयरपोर्ट पर ही बाली की द्वीपीय अनूठी कला और संस्कृति का अनुमान हो जाता है । भवन शिल...
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बुधवार, 3 सितंबर 2025

बाली यात्रा--1

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नीलमणि में जड़ा पन्ना जब रात ने अपनी चादर समेटनी शुरु की तो कालिमा धीरे-धीरे नीलिमा में बदलने लगी । मैंने विमान की खिड़की से चारों देखा तो ...
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सोमवार, 19 मई 2025

एक साल--एक पुन: प्रेषित रचना

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19 .5 .2011 आज काकाजी (पिताजी) को गए एक साल हो गया । धरती ने भले ही पूरे तीन सौ पेंसठ दिन पार कर लिये है पर मन तो जैसे एक पग भी नही चल पाया ...
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सोमवार, 24 मार्च 2025

प्रेम में डूबी स्त्री

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क्या तुमने देखी है एक प्यार में डूबी एक उम्रदराज स्त्री ? नहीं ? तब तुम्हें ज़रूर देखना चाहिये   , कि खाली होते दिये में , बुझती ह...
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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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