Yeh Mera Jahaan

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2021

ग्रेगोरियन कैलेण्डर का आखिरी दिन --1

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31 दिसम्बर साल का सबसे हलचल और उत्तेजना भरा दिन होता है , साथ ही एक हल्का सा मलाल भी कि कितना कुछ मुट्ठी से फिसल गया .सूखे रेत की तरह . समय ...
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गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021

मैं बेटा नहीं ,बेटी हूँ .

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 दुर्गा नवमी पर विशेष ------------------------------------ जब हम सिडनी में थे ,श्वेता ने कन्या-पूजन के अवसर पर आसपास की बच्चियों को बुलाया...
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गुरुवार, 16 सितंबर 2021

एक 'चकरी ' की कीमत

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(कुछ संशोधन के बाद पुनः प्रकाशित) “ इतने सारे पटाखे –फुझड़ियाँ !” सोनी पुलकित हुई बेटे सार्थक को देख रही थी . उसे बचपन से ही कपड़ों मिठाइय...
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शुक्रवार, 10 सितंबर 2021

मन्नू मेरा मान

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( संशोधित व पुनः प्रकाशित ) 9 सितम्बर 1982 , कमलाराजा चिकित्सालय (ग्वालियर) । रात्रि साढे दस बजे पीडा और प्रतीक्षा का कठिन दौर गुजर गया और...
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गुरुवार, 19 अगस्त 2021

एक थीं रेखा दीदी

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 एक संस्मरण ------------------- “ दीदी ने आज सुबह चार बजे अन्तिम साँस ले ली ।” सुबह सुबह फोन पर आया शरद् खेर का यह सन्देश यों तो जरा भी चौ...
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गुरुवार, 29 जुलाई 2021

फुनगियों पर उतरती धूप

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“ मम्मी ... !” ईशान बिस्तर में से ही चिल्लाया . उसकी आँखें बन्द थीं और सिर तक चादर ओढ़े हुए था मतलब सीधा था कि वह अभी सोना चाहता था . ई...
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गुरुवार, 20 मई 2021

ग्यारह वर्ष का समय

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19 मई  2021 शीर्षक पढ़कर आपको  शायद आचार्य शुक्ल की कहानी याद आ रही होगी लेकिन यह कहानी नहीं वह अवधि है जिसमें मैं काकाजी को याद करते-करते ज...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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