Yeh Mera Jahaan
गुरुवार, 29 जुलाई 2021
फुनगियों पर उतरती धूप
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“ मम्मी ... !” ईशान बिस्तर में से ही चिल्लाया . उसकी आँखें बन्द थीं और सिर तक चादर ओढ़े हुए था मतलब सीधा था कि वह अभी सोना चाहता था . ई...
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गुरुवार, 20 मई 2021
ग्यारह वर्ष का समय
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19 मई 2021 शीर्षक पढ़कर आपको शायद आचार्य शुक्ल की कहानी याद आ रही होगी लेकिन यह कहानी नहीं वह अवधि है जिसमें मैं काकाजी को याद करते-करते ज...
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रविवार, 9 मई 2021
माँ एक नदी
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माँ , एक नदी अनन्त जलराशि ह्रदय में समेटे अविराम बहती है . धरती को अमृत से अनवरत सींचती है माँ जैसा भाव लिये , चुपचाप बहती है । चट्टानों,...
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शनिवार, 3 अप्रैल 2021
तुम अतुलनीया
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जिया की याद में -- नफरत को अनदेखा करके मन में बचाए रखना केवल स्नेह , प्रतिशोध व ईर्ष्या की जगह हदय में निरन्तर निस्रत वात्सल्य ..प्रेम ...
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सोमवार, 22 मार्च 2021
नदी का द्वीप
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(1984 में लिखी गई एक कविता ) अजस्र , स्रोतस्विनी के बीच एक निर्जन द्वीप सिरजा गया , माँ के द्वारा ही . उद्दाम उन्मत्त प्रवाह में ...
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सोमवार, 22 फ़रवरी 2021
खुशबू के गीत
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मौसम के द्वार पर ऋतुरानी आई पलकों के छोर खोल कलियाँ मुस्काईं . कोयल ने बाँची जो केसरिया पाती गूँज उठी सुधियों के आँगन शहनाई . ...
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शुक्रवार, 20 नवंबर 2020
एक पेन की तलाश
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यह हास्य-व्यंगात्मक संस्मरण लगभग 25 वर्ष पहले लिखा . लिखकर भूल भी गई . आज नजर पड़ी तो पोस्ट करने का विचार आया . पात्र और स्थान का नाम परिवर्...
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