Yeh Mera Jahaan

रविवार, 28 अप्रैल 2024

बद्रीनाथ धाम यात्रा -2

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बद्रीनाथ धाम यात्रा -1   30 अप्रैल 2023 विशाल बदरीनारायण मन्दिर और अलकनन्दा  नर और नारायण पर्वत श्रंखलाओं के बीच रंगों और फूलों से सज्जि...
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शुक्रवार, 26 अप्रैल 2024

मेरी बद्रीनाथ धाम यात्रा .

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  27 अप्रैल 2023 की सुबह जब मैंने उर्मिला के साथ हरिद्वार के लिये प्रस्थान किया तो मन में उल्लास जिज्ञासा और इस संयोग पर कुछ विस्मय भी था .उ...
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मंगलवार, 16 अप्रैल 2024

पुरस्कार--महात्म्य (व्यंग्य)

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आप अगर मुझसे पुरस्कार की परिभाषा लिखने को कहें तो वह कुछ इस तरह होगी--– " पुरस्कार ऐसा पारस है जो लोहे को भी सोने का रूप देकर चमका देता...
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गुरुवार, 21 मार्च 2024

जब कविता बन जाती है

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  कुछ ही पल ऐसे होते हैं सखि जब कविता बन जाती है ।   अन्तर - वीणा पर पीडा , जब कोई राग बजाती है विद्रूपों की ज्वाला जब - जब भी , ...
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बुधवार, 20 मार्च 2024

दो पाटों के बीच

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“ ओ माँ ..आज तो बहुत थक गई . “ अंकिता ने आते ही बैग एक तरफ रखा और सोफा पर ही पसर गई . विमला ने एक ममत्त्व भरी निगाह से बहू को देखा ,पा...
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शुक्रवार, 16 फ़रवरी 2024

उसकी बात

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  खाली पड़े गमले में अनायास ही उग आए थे घासपूस जैसे छोटे छोटे पौधे   अनजाने , अनचाहे . उखाड़ फेंकना था हटानी थी खरपतवार गेंदा ,ड...
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मंगलवार, 23 जनवरी 2024

पहली रचना (पुरानी डायरी से )

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  अभी तक मुझे याद था कि  पहली रचना  मेरा पहला गीत – -- " काँटों को अपनालूँ मैं या मृदु कलियों से प्यार करूँ .. ” है जो किसी तरह न ष्ट ...
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मेरे बारे में

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गिरिजा कुलश्रेष्ठ
जीवन के छह दशक पार करने के बाद भी खुद को पहली कक्षा में पाती हूँ ।अनुभूतियों को आज तक सही अभिव्यक्ति न मिल पाने की व्यग्रता है । दिमाग की बजाय दिल से सोचने व करने की आदत के कारण प्रायः हाशिये पर ही रहती आई हूँ ।फिर भी अपनी सार्थकता की तलाश जारी है ।
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