शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

एक प्रार्थना

 1990 की डायरी से

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 प्यार दो विश्वास दो

प्रभु ज्ञान की वह प्यास दो

पा जिसे ढूँढ़ू सरोवर ।

सरित सागर शिखर अम्बर ।

ज़िन्दगी को आस दो ।

 

मैं अकेली कठिन पथ है

विजन नीरव कटु अकथ है

उजड़ता परिदृश्य है पर

दृष्टि में मधुमास दो 

प्रभु मुझे आकाश दो ।

 

दूर हों सन्देह डर सन्त्रास भी

द्वेष पीड़न विकल उद्धत साँस भी

हो न चिन्ता , युद्ध कोई  

शान्तिमय आवास दो ।

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