Sunday, July 31, 2011

वे दो शब्द

वे दो शब्द--
मरहम से,
दे दो उसे
जो गिरा है अभी-अभी
लगा लेगा
अपने ताजा जख्मों पर ।

वे दो शब्द--
उत्तीर्ण होने की सूचना जैसे,
पेपर बिगडने के बावजूद
दे दो उसे ।
जो फेल होजाने पर
शर्मिन्दा हो ।
अपने आप से
चल सके फिर से
नये हौसले के साथ ।

वे दो शब्द-
अनायास ही
किसी किताब के पन्नों में मिल गये,
नोटों जैसे
दे दो उसे
जो तलाश रहा हो बेचैनी के साथ
अलमारी का कोना-कोना
पर्स गुल्लक तकिया बिछौना
एक-एक अठन्नी के लिये
महीने के आखिरी दिनों की
तंगहाली में ।

17 comments:

  1. वे दो शब्द-
    अनायास ही
    किसी किताब के पन्नों में मिल गये,
    नोटों जैसे
    दे दो उसे
    जो तलाश रहा हो बेचैनी के साथ
    अलमारी का कोना-कोना
    पर्स गुल्लक तकिया बिछौना
    एक-एक अठन्नी के लिये
    महीने के आखिरी दिनों की
    तंगहाली में ।


    बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति.......

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  2. सान्त्वना के दो शब्द अपने अन्दर संबल का आगार लिये जीते हैं, बढ़ने का आधार लिये जीते हैं।

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  3. वे दो शब्द-
    अनायास ही
    किसी किताब के पन्नों में मिल गये,
    नोटों जैसे
    दे दो उसे
    जो तलाश रहा हो बेचैनी के साथ
    अलमारी का कोना-कोना
    पर्स गुल्लक तकिया बिछौना
    एक-एक अठन्नी के लिये
    महीने के आखिरी दिनों की
    तंगहाली में । gahan abhivyakti

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  4. प्रेम और सहानुभूति के दो शब्द कितने मायने रखते हैं।

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  5. बहुत पसन्द आया
    हमें भी पढवाने के लिये हार्दिक धन्यवाद

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  6. ज़िन्दगी में कभी-कभी उन दो शब्दों को बहुत ही बड़ा महत्त्व होता है। जीवन की दिशा और दशा ही बदल जाती है।

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  7. Do Shabd, Prashansa ke? Santavanaa ke? yaa fir Acknowldgement ke?
    Bahut Badhiyaa Abhivykati... Yahee to sabhee talaashate hain jindagee bharr.

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  8. दो शब्द...
    सचमुच दो सार्थक शब्द
    दुनिया बदलने की क्षमता रखते हैं...
    सादर...

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  9. दो शब्द...
    सचमुच दो सार्थक शब्द
    बहुत पसन्द
    आपको मेरी हार्दिक शुभकामनायें

    लिकं हैhttp://sarapyar.blogspot.com/
    अगर आपको love everbody का यह प्रयास पसंद आया हो, तो कृपया फॉलोअर बन कर हमारा उत्साह अवश्य बढ़ाएँ।

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  10. बहुत सुंदर उपहार है दो शब्दों का जो वक्त पर किसी के काम आयें! आभार!

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  11. वाह ..बहुत सुन्दर ..हौसला बढने के लिए प्रेम के शब्द ही काफी हैं ... सुन्दर प्रस्तुति

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  12. दो शब्द वाकई किसी की भी जिंदगी को बदल देने की सामर्थ्य रखते है...गहन भावों को समेटे एक सार्थक एवं प्रेरक प्रस्तुति. आभार.
    सादर,
    डोरोथी.

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  13. गिरिजा जी ... आपकी इस कविता ने बहुत कुछ कह दिया मुझसे .. मैं इसे प्रेम की बेहतरीन अभिव्यक्ति कहूँगा .. आपने बहुत कुछ अपने शब्दों के सहारे कह दिया है .. बहुत सच्ची और अच्छी कविता ....

    बधाई

    आभार
    विजय
    -----------
    कृपया मेरी नयी कविता " फूल, चाय और बारिश " को पढकर अपनी बहुमूल्य राय दिजियेंगा . लिंक है : http://poemsofvijay.blogspot.com/2011/07/blog-post_22.html

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  14. I enjoyed to read this blog. It's great stuff. I inspire to your blog.

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  15. बहुत ही सुंदर भावाभिव्यक्ति। बधाई।

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